Posts

Showing posts with the label jail yog

जानिए कब और कैसे बनाता है जेल यात्रा का योग ।

Image
भारतीय अखंड प्राचीन ज्योतिष विद्या   के अनुसार शनि , मंगल और राहू मुख्य रूप से यह तीन ग्रह कारावास के योग को निर्मित करने में मुख्य भूमिका निभाते है I इनके अतिरिक्त सभी लग्नों के द्वादेश , षष्ठेश एवम अष्टमेश भी इस तरह के योग बनाने में अपनी भूमिका निभाते है I इसके साथ साथ यदि महादशा , अंतर्दशा भी अशुभ ग्रहों की हो तो भी कारावास योग घटित होने के लिए उपयुक्त स्थिति बन जाती है और इस प्रकार की घटना हो सकती है, कई बार तो ऐसी स्थिति में निरपराध व्यक्ति को भी जेल जाना पड़ता है I कई बार जन्मकुंडली में ही ऐसे योग बनते है तो कई बार ग्रहों की गोचरीय स्थिति के कारण एवं दशा अंतर्दशा के कारण अल्प समय के लिए ऐसे योग बन जाते है I जन्म कुंडली में अष्टम भाव का नीचस्थ राहू अपनी महादशा एवं अंतरदशा के दौरान जातक के जीवन में अनेक संकट खड़े करता है। इस दशा में उक्त व्यक्ति झूठे आरोप, गंभीर बीमारी, दुर्घटना, कर्ज में अनिश्चित वृद्धि, अवसाद ग्रस्त हो जाता है, जिसे ज्योतिषाचार्य जेल योग कहते हैं। जन्मकुंडली में सूर्यादि ग्रह समान संख्या में लग्न एवं द्वादश , तृतीय एवं एकादश , चतुर्थ दशम , षष्ठ एवं...